बिलासपुर: नगर निगम में पंचायतों के विलय के विरोध में सड़क पर उतरे हजारों ग्रामीण जन कांग्रेस भाजपा सहित सभी दलों के जनप्रतिनिधियों ने की आपत्ति दर्ज नगर निगम बिलासपुर में 15 ग्राम पंचायतों दो नगर पंचायत और एक नगर पालिका के विलय का प्रस्ताव पर विरोध दर्ज कराने आज बिलासपुर कलेक्ट्रेट में 4000 से ज्यादा ग्रामीण जनों ने उपस्थित होकर आपत्ति दर्ज कराया।
विदित हो कि नगर पालिका निगम बिलासपुर के विस्तार की दृष्टि से ग्राम देवरीखुर्द, लिंगीयाडीह, मोपका, बिरकोना, कोनी, खमतराई, बिनौर, बहतराई, मंगला, दोमुहानी, घुरु, अमेरी, उसलापुर, नगर पंचायत सिरगिट्टी और नगर पंचायत सकरी को नगर निगम में मिलाने का प्रस्ताव कर शासन ने 15 अगस्त तक दावा आपत्ति मंगवाया है।
इसी तारतम्य में आज विधायक मस्तूरी डॉक्टर कृष्णमूर्ति बांधी, विधायक बेलतरा रजनीश सिंह, कांग्रेस नेता त्रिलोक श्रीवास सरपंच संघ बिल्हा अध्यक्ष एवं जिला कांग्रेस कमेटी महामंत्री अनिल राठौड़, जिला झुग्गी झोपड़ी कांग्रेस अध्यक्ष दिलीप पाटिल, जनपद उपाध्यक्ष विक्रम सिंह, जिला कांग्रेस सचिव नीरज सोनी, युवा कांग्रेस बेलतरा अध्यक्ष धनंजय यादव के संयुक्त नेतृत्व में 4000 से ज्यादा ग्रामीण जनों ने जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर आपत्ति दर्ज कराया ग्रामीणों ने नगर निगम में शामिल नहीं होने का कारण निगम मुख्यालय से गांवो की दूरी कृषि कार्य का प्रभावित होना, पशुधन के संबंध में समस्या आदि अनेक समस्याओं का जिक्र किया, जिसमें प्रमुख रुप से कांग्रेस पार्टी के, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष मनहरण कौशिक, श्रीमती यशोदा पाटील जनपद सदस्य इशाक कुरेशी, सरपंच देवरीखुर्द श्रीमती भारती पंकज परते, सरपंच चिल्हाटी रामप्रसाद, सरपंच खमतराई, सुप्रिया किशोर बंजारे, कांग्रेस नेता उमाशंकर शर्मा बिरकोना दिनेश शुक्ला सरपंच कोनी मनीष गड़ेवाल सुरेंद्र सिंह गुरु, राज कपूर सूर्यवंशी सरपंच घुरू बिरकोना सरपंच, सुखचंद डहरिया सरपंच अमेरी, दूजराम साहू बहतराई, कांग्रेस नेता गोरे कौशिक संजू खांडे कोनी राजेश सिंह और कौशल श्रीवास्तव कृष्णा श्रीवास, पवन सिंह, दादू लश्कर, रमेश शिकारी, गणेश वर्मा बिजावर, भाजपा जनपद सदस्य दारा सिंह, सरपंच मंगला रमेश पटेल, सरपंच मोपका डॉक्टर तिलक राम साहू, सरपंच उसलापुर अशोक सिंह, विजू राव, दीपक यादव, संतोष सोनवानी, जयराम सोनी, दिनेश ठाकुर, रवि सा, दीपक श्रीवास, अर्जुन पटेल, रामु पटेल, राजेंद्र गौड़, श्रीमती सुशीला टंडन सहित सभी प्रभावित ग्रामों के लगभग 5000 ग्रामीणजन उपस्थित थे।
उपस्थित जमसमूह का कहना था कि हम सरकार का विरोध नहीं जनहित में आपत्ति दर्ज कराने आए हैं, त्रिलोक श्रीवास ग्रामीणों के भीड़ का नेतृत्व कर रहे, कांग्रेस नेता त्रिलोक श्रीवास से जब पूछा गया कि वह अपने ही सरकार का फरमान का विरोध कर रहे हैं तब उन्होंने भी कहा कि वे या यहाँ पर उपस्थित ग्रामीणजन किसी पार्टी का विरोध नहीं कर रहे हैं शासन ने अधिसूचना जारी कर 15 दिवस का समय दावा आपत्ति का दिया है, तो वे निर्धारित समय में ग्रामीणों के जन भावनाओं के अनुरूप जनहित को देखते हुए दावा आपत्ति दर्ज कराने आए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि सन 2011 में पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के समय नगर निगम में विलय का अधिसूचना जारी हुआ था, तब भी जनप्रतिनिधियों ने श्रीवास के नेतृत्व में आपत्ति दर्ज कराया था।
इस विषय मे जब त्रिलोक श्रीवास से पूूछा गया तो उन्होंने ने कहा कि प्रदेश के मुखिया माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी एक संवेदनशील जननेता है, सर्वहारा वर्ग के सर्वांगीण विकास के प्रति समर्पित हैं, और गांव गरीब और किसान उनकी प्राथमिकता है, निश्चित ही माननीय मुख्यमंत्री इस विषय में जो निर्णय लेंगे वह ग्रामीणों के हित में ही रहेगा।

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