कबीरधाम जिले में दिन का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच चुका है। तेज धूप व गर्मी से तालाब सूख रहे हैं। कई तालाबों में तो नाम मात्र ही पानी बचा है। इससे गर्मी में निस्तारी की समस्या शुरू हो गई है। इसे देखते हुए तालाबों को भरने के लिए सरोदा बांध के गेट खोल दिए गए हैं। नहरों में पानी छोड़ा गया है। बांध से 0.415 क्यूमेक यानी हर सेकंड एक हजार लीटर पानी छोड़ा जा रहा है।
सरोदा बांध से शहर के वार्ड-12 के बावा तालाब, वार्ड-20 के श्रीराधाकृष्ण बड़े मंदिर तालाब और वार्ड-24 के काली तालाब, दर्री तालाब व खाल्हे तालाब में पानी पहुंचाएंगे। गर्मी में तालाबों में पानी कम होने से निस्तारी की समस्या बढ़ गई थी। इसे देखते हुए नगर पालिका ने जल संसाधन विभाग को सरोदा बांध से पानी देने चिट्टी लिखी थी। इस पर जल संसाधन विभाग ने सोमवार को बांध के गेट खोल दिया। जल संसाधन के एसडीओ एके उपाध्याय ने बताया कि सरोदा बांध से प्रति सेकंड 0.415 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है।
अव्यवस्था: नहरों की सफाई नहीं कराए जाने की वजह से फिर बेकार बहेगा पानी तालाबों को भरने के लिए सरोदा बांध से पानी तो छोड़ दिए हैं, लेकिन नहरों की सफाई नहीं कराई गई है। इसके चलते इस बार फिर पानी बेकार ही बह जाएगा। ग्राम तारो के पास मिनी डैम से से लेकर लालपुर चौक होते हुए एसपी ऑफिस तक नहर की सफाई नहीं हुई। नहर कचरे से अटा है। इसके चलते बांध से नहरों के जरिए आने वाला पानी ओवरफ्लो होकर खेतों व खाली प्लाट में बहेगा।
79 गांवों में हैं 116 तालाब निस्तारी का यही जरिया जिले में 5 मध्यम जलाशय है। इनमें से 4 जलाशयों से 79 गांवों के 116 तालाबों के लिए पानी दिया जाता है। बांधों से नहर के जरिए तालाबों तक पानी पहुंचाते हैं। मिली जानकारी के मुताबिक सरोदा जलाशय से 35 गांवों के 56 तालाब, छीरपानी जलाशय से 15 गांवों के 26 तालाब, सुतियापाट जलाशय से 18 गांवों के 23 तालाब और कर्रा नाला बैराज से 11 गांवों के 11 तालाबों को निस्तारी के लिए पानी दिया जाता है। ताकि संकट ना हो।
नगर पालिका क्षेत्र के लिए पेयजल देने पानी रिजर्व रखना है, इसका ध्यान रख रहे शहर की लगभग 50 हजार आबादी पीने के पानी के लिए सरोदा बांध पर निर्भर है। खैरबना कला में दो वाटर फिल्टर प्लांट बने हैं, जहां बांध से पानी पहुंचता है। फिर शुद्धिकरण के बाद यही पानी शहर के घरेलू नलों में सप्लाई होती है। बांध से फिल्टर प्लांट को रोज औसतन 80 लाख लीटर पानी दिया जाता है। तालाबों को भरने के बाद भी शहरी क्षेत्र के लिए पेयजल देने भी बांध में पानी रिजर्व रखा जाना है।
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