कवर्धा: विकासखंड पण्डरिया के नवीन ग्राम पंचायत छीतापार कला में स्वतंत्रता दिवस पर बडी़ लापरवाही देखने को मिली है। ग्राम पंचायत भवन में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर फहराए जाने वाले भारतीय तिरंगे को सरपंच व सचिव की बड़ी लापरवाही के कारण उल्टा फहराया गया है। जिसके चलते भारतीय ध्वज संहिता का उल्लंघन हुआ है।
क्या है ध्वज संहिता
ध्वज संहिता के अनुसार झंडे का चित्रण, प्रदर्शन, उल्टा नहीं हो सकता ना ही इसे उल्टा फहराया जा सकता है संहिता परंपरा में यह भी बताया गया है कि इसे लंब रूप में लटकाया भी नहीं जा सकता। झंडे को 90 अंश में घुमाया नहीं जा सकता या उल्टा नहीं किया जा सकता। कोई भी व्यक्ति ध्वज को एक किताब के समान ऊपर से नीचे और बाएँ से दाएँ पढ़ सकता है, यदि इसे घुमाया जाए तो परिणाम भी एक ही होना चाहिए। झंडे को बुरी और गंदी स्थिति में प्रदर्शित करना भी अपमान है। यही नियम ध्वज फहराते समय ध्वज स्तंभों या रस्सियों के लिए है, इनका रखरखाव अच्छा होना चाहिए।
ग्राम पंचायत छितापारकला में झंडा उल्टा फहराना ध्वज संहिता का उल्लंघन के साथ साथ तिरंगे का अपमान भी है। इतना ही नहीं लापरवाही का आलम ये है कि झण्डा उल्टा फहराने के बाद भी उसे सीधा नहीं किया गया है। जबकि ग्रामीणों ने इसकी जानकारी भी दी है, इसके बावजूद भी ग्राम पंचायत में अभी उल्टा झण्डा फहरा हुआ है।
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