शहडोल |विनय मिश्रा (बुढ़ार)
की खास रिपोर्ट्
भारतवर्ष में हर मा बाप बचपन मे अपने बच्चोँ का अच्छे से अच्छे परवरिश कर उन्हें अच्छी शिक्षा दिलवाकर दक्ष बनाते हैं ताकि पढ़ लिखकर कोई डाक्टर बने,इंजीनियर बने,आई ए एस ,आई पी एस अन्य प्रशासनिक सेवाओं में जाए और नौकरी करे किन्तु बेरोजगारी के बढ़ते ग्राफ ने व पैसे की चकाचौंध की दुनिया ने आज के युवा वर्ग को धीरे धीरे नशे व उसके कारोबार में धकेल रहा है जिसका परिणाम जब आता है तो वह युवा या तो जेल की सलाखों में रहता है या फिर नशे की हालत में लिप्त या फिर एक बड़ा अपराधी बन जाता है जिले के अधिकांश युवा इन दिनों नशे के कारोबार में लिप्त हैं आए दिन समाचार पत्रों में किसी न किसी युवक के पकड़ाने या किसी बड़े अपराध को घटित करने नाम आते रहते हैं ,जिले में जिस तरह से कोरेक्स,गाँजा,नाइट्रोसन, सुलेशन,व अन्य नशीली पदार्थों का व्यापार बढ़ रहा है उससे जिला अछूता नही है और यही कारण है कि अपराध का ग्राफ भी बढ़ रहा है
की खास रिपोर्ट्
भारतवर्ष में हर मा बाप बचपन मे अपने बच्चोँ का अच्छे से अच्छे परवरिश कर उन्हें अच्छी शिक्षा दिलवाकर दक्ष बनाते हैं ताकि पढ़ लिखकर कोई डाक्टर बने,इंजीनियर बने,आई ए एस ,आई पी एस अन्य प्रशासनिक सेवाओं में जाए और नौकरी करे किन्तु बेरोजगारी के बढ़ते ग्राफ ने व पैसे की चकाचौंध की दुनिया ने आज के युवा वर्ग को धीरे धीरे नशे व उसके कारोबार में धकेल रहा है जिसका परिणाम जब आता है तो वह युवा या तो जेल की सलाखों में रहता है या फिर नशे की हालत में लिप्त या फिर एक बड़ा अपराधी बन जाता है जिले के अधिकांश युवा इन दिनों नशे के कारोबार में लिप्त हैं आए दिन समाचार पत्रों में किसी न किसी युवक के पकड़ाने या किसी बड़े अपराध को घटित करने नाम आते रहते हैं ,जिले में जिस तरह से कोरेक्स,गाँजा,नाइट्रोसन, सुलेशन,व अन्य नशीली पदार्थों का व्यापार बढ़ रहा है उससे जिला अछूता नही है और यही कारण है कि अपराध का ग्राफ भी बढ़ रहा है
नशे के इस कारोबार में कम समय मे अधिक पैसा व आरामदायक जीवन के चक्कर मे जिले के अधिकांश युवक इसमें लिप्त हैंराज्यों की सीमा से लगा रहे गाँजे का खेप…….
जिस तरह से क्षेत्र में गाँजे का व्यापार इन दिनों चरम पर है आए दिन कोई न कोई युवक पकड़ाता है इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है जिले की अधिकांश गाड़ियां छग के सीमा से लगे केंदा घाटी से गाँजे का व्यापार हो रहा है कम समय मे अधिक रुपयों की फिराक में अधिकांश युवक नई नई गाड़ियां लेकर सीमा राज्यों में जाते हैं और वहाँ से गाडियों में भर भर कर माल सींट के हिस्से से लेकर गाड़ियों की बोनट तक मे गाँजे का पैकेट रखते हैं
इस रूट से गुजरती है गाड़ियां……केंदा घाटी से गाड़ियां निकलने के बाद मप्र में राजेन्द्रग्राम, पेंड्रा,सिवनी अलग अलग मोड़ होते हुए मरवाही,कोतमा, अनूपपुर, भालूमाड़ा, केशवाही, गिरवा,रामपपुर, बुढ़ार, विक्रमपुर, बरतरा आदि स्थानों पर पहुंचती है इस व्यापार को अंजाम देने के लिए बड़ी बड़ी महँगी गाड़ियों का प्रयोग किया जाता है
गाडियों में या तो वीआईपी नम्बर या बिना नम्बर की गाड़ी या फिर किसी बड़े नेता,या प्रशासनिक सेवाओं में पदस्थ अधिकारियों के नेम प्लेट का प्रयोग कर यहाँ तक कि गाड़ी में डायल 100 व जननी एक्सप्रेस तक लिखाकर गाड़ियों में गाँजे का व्यापार करते हैं
खपत कैसे कहाँ- कहाँ……..
सस्ते दामों में लाकर उसे दोगुने चौगुने दामों में क्षेत्र में खपाया जाता है जिसकी खपत लोगो की मानें तो गोहपारू, जयसिंगनगर, बनशुकली,जनकपुर, मझौली, ब्यौहारी, चुरहट, चोरगढी, व रीवा से इलाहाबाद यूपी तक गाँजे का बड़ा कारोबार होता है
कहाँ, कहाँ हैं कारोबारी…….कारोबारी में पेंड्रा, कोतमा, बदरा,
फुनगा , रक्सा,कोलमी,पयारी, खूंटा टोला,खांडा, रामपपुर, खामहीदोल,बोकरामार, हथगला,खैरहा, बुढ़ार, विक्रमपुर,बरतरा,केल्हौरी केंदा घाटी,से गाँजा म्प रोड राजेन्द्रग्राम पेंड्रा सिवनी पेंड्रा, सिवनी,मरवाही,कोतमा, अनूपपुर, भालूमाड़ा केशवाही गिरवा रामपुर बुढ़ार बुलेरो स्कार्पियों सफारी डस्टर डिजायर एम्बुलेंस 108 बारूद की गाड़ी पिक अप 407खपत रीवा ब्यौहारी जयसिंगनगर गोहपारू सीधी वनशुकली जनकपुर मझौली चुरहट चोरगढी इन क्षेत्रों से यूपी इलाहाबाद इन जगहों पर व्यापारियों ने अपनी साख जमाई है कुछ ने तो चिन्हित जिम्मेदारों से सेटिंग बनाकर व्यापार को अंजाम दे रहे हैं तो कुछ बिना सेटिंग के
क्यों हो रहा कारोबार, कौन है जिम्मेदार…….
ऐसा नही है कि राज्यो की सीमा से आते समय,वन नाका,यातायात,या पुलिस कार्यालयों का महकमा न लगता हो पर फिर भी विभाग के कुछ चिन्हित जिम्मेदारों ने मूक सहमति देकर रुपयों की साख पर इन्हें इस कारोबार में सहायता करते हैं जिस काण इस व्यापार को व्यापकता प्राप्त हो रहा है अब देखना यह है कि मौत बेंचने वाले ये नशे के सौदागरों पर प्रशासन क्या कार्यवाही करती है|

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